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फिर से क्यों ट्रेंड में है 13 साल के बच्चे से प्रेग्नेंट होने वाली टीचर? सोशल पर फिर मचा हल्ला

गुजरात में रहने वाले एक 23 साल की टीचर 13 साल के छात्र के साथ भाग गई थी, जिसके बाद पता चला कि वह गर्भवती है. सोशल मीडिया पर एक बार फिर से 13 साल के बच्चे से प्रेग्नेंट होने वाली टीचर की खबरों ने हल्ला मचा दिया है. चलिए जानते हैं क्यों?

फिर से क्यों ट्रेंड में है 13 साल के बच्चे से प्रेग्नेंट होने वाली टीचर? सोशल पर फिर मचा हल्ला
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( Image Source:  x-@MunnaLal21 )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 18 Jan 2026 2:18 PM IST

गुजरात में 23 साल की टीचर मानसी का मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मानसी अपने 13 साल के छात्र के साथ फरार हो गई और बताया कि वह उस बच्चे की मां बन चुकी हैं. इस घटना ने लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है. कई यूजर्स ने इसे केवल “प्यार का मामला” मानने के बजाय नाबालिग की सुरक्षा और वयस्क की कानूनी जिम्मेदारी के नजरिए से देखा.

क्या है मामला?

यह मामला सूरत गुजरात का है, जहां 23 साल की टीचर मानसी और 13 साल के छात्र स्कूल से गायब हो गए. बाद में छात्र के पिता ने किडनैपिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच में सामने आया कि लड़का खुद अपनी टीचर के साथ गया था. पुलिस ने बताया कि मानसी गर्भवती हैं और पांच महीने का बच्चा इसी 13 साल के छात्र का है.

फिर से क्यों ट्रेंड में आया केस?

बता दें कि यह खबर पिछले साल 2025 के मई महीने की है, लेकिन अब नए साल पर यह मामला फिर से वायरल हो रहा है. हालांकि, सोशल मीडिया के बारे में कुछ भी कहना आसान नहीं है, क्योंकि यहां कभी भी गड़े मुर्दे उखाड़े जाते हैं.

सोशल मीडिया रिएक्शन्स

सोशल मीडिया यूजर्स ने मामले को लेकर अलग-अलग रिएक्शन्स सामने आए हैं. जहां Bharatramsena नाम के यूजर ने लिखा कि “ऐसी हालत देखकर लगता है कि हम अंग्रेजों से आज़ाद नहीं हुए, बल्कि अंग्रेज हमसे आज़ाद हो गए.” कई यूजर्स ने लिखा कि यह “किसने किसे फंसाया” का मामला नहीं है, बल्कि नाबालिग की सुरक्षा और वयस्क की नैतिक जिम्मेदारी का है. एक अन्य यूजर ने कहा, “यह शिक्षा के पवित्र पेशे पर गहरा कलंक है. इसे प्यार नहीं बल्कि अपराध और शोषण माना जाना चाहिए. ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है.”

बच्चों की सुरक्षा है जरूरी

इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों में भरोसा बनाए रखना हर वयस्क की जिम्मेदारी है. सवाल यह नहीं कि किसने किसे फंसाया, बल्कि यह होना चाहिए कि कैसे नाबालिगों को सुरक्षित रखा जाए और शिक्षक जैसी भरोसेमंद भूमिका का दुरुपयोग रोका जाए.

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