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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट, माघ मेले में छिड़ा विवाद; पुलिस पर लगे गंभीर आरोप- देखें बवाल के VIDEO

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया. अखाड़े से संगम नोज की ओर जा रही उनकी पालकी बीच रास्ते से ही वापस लौट गई, जिससे मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब मौनी अमावस्या पर संगम नगरी में देशभर से श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ है.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट, माघ मेले में छिड़ा विवाद; पुलिस पर लगे गंभीर आरोप- देखें बवाल के VIDEO
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( Image Source:  X/ @kkjourno @hindipatrakar @meevkt )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 18 Jan 2026 2:51 PM

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया. अखाड़े से संगम नोज की ओर जा रही उनकी पालकी बीच रास्ते से ही वापस लौट गई, जिससे मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब मौनी अमावस्या पर संगम नगरी में देशभर से श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ है.

बताया जा रहा है कि पालकी यात्रा के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और प्रशासन के बीच कहासुनी बढ़ गई. आरोप है कि यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता की मौजूदगी में धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान का कार्यक्रम रद्द करने का फैसला ले लिया.

शंकराचार्य ने स्नान से किया इनकार

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा “मेरे शिष्यों से मारपीट हो रही है. अधिकारी मारने का इशारा कर रहे हैं, इसलिए स्नान नहीं करूंगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक रवैये के चलते संतों और उनके अनुयायियों की सुरक्षा खतरे में थी, इसी कारण उन्होंने मौनी अमावस्या के स्नान से दूरी बना ली.

मौनी अमावस्या पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. कंट्रोल रूम से लेकर संगम नोज तक पुलिस बल की तैनाती की गई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रातभर पेट्रोलिंग कर भीड़ नियंत्रण में जुटे रहे, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.

प्रयागराज डीएम ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रशासन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा“परंपरा के विपरीत संगम पर स्नान करने वे बिना अनुमति के अपनी पालकी पर आए थे। उस समय संगम पर बहुत ज्यादा भीड़ थी, बार-बार अनुरोध करने के बाद भी वे बिना अनुमति के यहां आए और अपनी ज़िद पर अड़े रहे, यह गलत था. अन्य कई पहलु भी संज्ञान में आए हैं कि उनके समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़े गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई तो इस पूरे मामले की हम जांच कर रहे हैं. हम सभी पहलुओं की जांच कर विधिक कार्रवाई करेंगे.”

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और भक्तों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, जो अक्षम्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदियों पुरानी शाही स्नान की सनातनी परंपरा में भाजपा सरकार लगातार विघ्न डाल रही है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं केवल भाजपा शासन में ही क्यों हो रही हैं और क्या मौनी अमावस्या का शाही स्नान पहली बार हो रहा है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा का कुशासन और अव्यवस्थित प्रशासन ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है. साथ ही कहा कि अहंकारी शासन-प्रशासन हर जगह खुद को मुख्य साबित करने की कोशिश करता है.

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