January 18, 2026
मणिकर्णिका घाट के नवीनीकरण की परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2023 में रखी थी. इस परियोजना का उद्देश्य घाट की संरचनात्मक मजबूती और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाना है.
10 जनवरी 2026 से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें मणिकर्णिका घाट के निचले हिस्से में बनी एक मढ़ी को ड्रिल मशीन से तोड़ते हुए दिखाया गया.
जिस मढ़ी को तोड़ा जा रहा था, उसके निचले हिस्से में अहिल्याबाई होल्कर सहित कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं लगी थीं. ऊपरी हिस्से में पंडे-पुरोहित कर्मकांड कराया करते थे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई.
औरंगजेब द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर विध्वंस के बाद इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका घाट का जीर्णोद्धार कराया था. उसी कालखंड में यह मढ़ी भी बनाई गई थी.
वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने इसे शेयर कर दावा किया कि पौराणिक स्थल पर मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है.
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रेस वार्ता कर विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के समय फर्जी दावे कर चुकी है.
सीएम योगी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट मामले में एआई जेनरेटेड वीडियो और फोटो का इस्तेमाल कर भ्रम फैलाया जा रहा है. असल मंशा गोदौलिया-मैदागिन दाल मंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को रोकना है.
मुख्यमंत्री के बयान के बाद वाराणसी पुलिस एक्शन में आई. निर्माण कंपनी की शिकायत पर 8 लोगों और एक एक्स (Twitter) सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. स्टेट मिरर हिंदी इन किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है.