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ईरान के लिए क्यों बहुत जरूरी थे Esmaeil Khatib, इजराइल ने मारकर हासिल कर लिया ये बड़ा टारगेट

ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को इजराइल ने निशाना बनाकर बड़ा रणनीतिक झटका देने का दावा किया है. उनकी भूमिका सुरक्षा, खुफिया नेटवर्क और विरोध नियंत्रण में बेहद अहम मानी जाती थी.

ईरान के लिए क्यों बहुत जरूरी थे Esmaeil Khatib, इजराइल ने मारकर हासिल कर लिया ये बड़ा टारगेट
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( Image Source:  @intel_nova-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 18 March 2026 9:24 PM

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब और गहरा होता जा रहा है. इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लगभग 19 दिन हो चुके हैं और इस दौरान हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं. इसी बीच इजराइल ने एक और बड़ा दावा किया है, जिसमें कहा गया है कि उसने ईरान के खुफिया मंत्री Esmaeil Khatib को तेहरान में हुए हवाई हमले में मार गिराया है.

हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी तक ईरान की ओर से नहीं की गई है, लेकिन अगर यह सच साबित होता है, तो यह ईरान की सत्ता और सुरक्षा ढांचे के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर खतीब ईरान के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों थे और इजराइल ने उन्हें निशाना बनाकर क्या हासिल किया?

कौन थे इस्माइल खतीब और क्यों थे इतने ताकतवर?

इस्माइल खतीब साल 2021 से ईरान के खुफिया मंत्री थे और उन्हें देश की सत्ता का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था. उन्होंने क़ोम में धार्मिक शिक्षा हासिल की और उनके गुरु ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei रहे. 'हुज्जत अल-इस्लाम' जैसी उच्च धार्मिक उपाधि पाने वाले खतीब न सिर्फ वैचारिक रूप से मजबूत थे, बल्कि खुफिया तंत्र में भी दशकों का अनुभव रखते थे. उन्हें ईरान की आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों का अहम चेहरा माना जाता था.

ईरान के लिए क्यों बहुत जरूरी थे इस्माइल खतीब?

खतीब ईरान की इंटेलिजेंस मशीनरी के केंद्र में थे. देश के अंदर होने वाले विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करना, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बनाए रखना और संभावित खतरों को पहले से भांपना—ये सभी जिम्मेदारियां उनके कंधों पर थीं. खासतौर पर 2022-23 में Mahsa Amini की मौत के बाद भड़के देशव्यापी प्रदर्शनों को दबाने में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. इसके अलावा, वे सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के मिशन पर भी काम कर रहे थे.

इजराइल के निशाने पर क्यों थे खतीब?

इजराइल का मानना है कि खतीब उन प्रमुख चेहरों में शामिल थे, जो वैश्विक स्तर पर इजराइल और अमेरिका के खिलाफ रणनीतियां तैयार करते थे. इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, खतीब “आतंकी गतिविधियों” के संचालन और विदेशी ठिकानों को टारगेट करने में अहम भूमिका निभाते थे. यही वजह है कि उन्हें हाई-वैल्यू टारगेट के रूप में देखा जा रहा था.

इजराइल ने मारकर कौन सा बड़ा टारगेट हासिल किया?

अगर खतीब की मौत की पुष्टि होती है, तो यह इजराइल के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जाएगी. इससे ईरान की खुफिया क्षमताओं और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल की रणनीति साफ है. ईरान के उन सभी ताकतवर चेहरों को खत्म करना, जो सत्ता को मजबूत बनाए रखते हैं और संघर्ष को आगे बढ़ाते हैं.

क्या अब और बढ़ेगा टकराव?

इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने संकेत दिए हैं कि इस संघर्ष में आगे और “बड़े सरप्राइज” देखने को मिल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सेना को किसी भी बड़े ईरानी अधिकारी को निशाना बनाने की खुली छूट दे दी है. इससे पहले इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani और बसीज फोर्स के प्रमुख Gholamreza Soleimani को भी मार गिराने का दावा किया था. लगातार हो रही इन हाई-प्रोफाइल कार्रवाइयों ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.

ईरान इजरायल युद्ध
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