असम के जोरहाट जिले में स्थित ढेकियाखोवा बरनामघर में प्रज्वलित अक्षय बंती भारतीय आस्था और वैष्णव परंपरा का अद्भुत प्रतीक है. मान्यता है कि वर्ष 1528 में संत माधवदेव द्वारा जलाई गई यह ज्योति करीब 500 वर्षों से लगातार जल रही है. यह चमत्कारी ज्योति आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है और इसे एशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड तथा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है.