Budget 2026 भारत के डिजिटल और मैन्युफैक्चरिंग भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की तैयारी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती बिजली की उपलब्धता और स्पष्ट नीतियों की कमी है. इंडस्ट्री को सस्ती ग्रीन पावर, पारदर्शी डेटा पॉलिसी और तेज़ अप्रूवल सिस्टम की जरूरत है, ताकि भारत ग्लोबल टेक हब बन सके. इसके साथ ही MSME सेक्टर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और रेयर अर्थ सप्लाई चेन पर बजट का फोकस बेहद अहम रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नीति और पावर सपोर्ट सही दिशा में गए, तो भारत टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है. वरना पावर–पॉलिसी की उलझन भारत का बड़ा मौका छीन सकती है.