Delhi Palam Fire: एक आग और कई जिंदगियों का अंत… मासूमों समेत 9 की मौत, रोते-बिलखते रह गए परिजन
सुबह की एक सामान्य शुरुआत पलभर में चीखों और आग की लपटों में बदल गई, जब दिल्ली के पालम की एक इमारत में भीषण आग लग गई. इस हादसे में मासूम बच्चों समेत 9 लोगों की जान चली गई, पीछे रह गए सिर्फ आंसू, सन्नाटा और बिखरे हुए परिवार.
Delhi Palam Fire: सुबह की शुरुआत जिन घरों में आम दिनों की तरह हुई थी, वहीं कुछ ही पलों में चीख-पुकार और आग की लपटों ने सब कुछ छीन लिया. दिल्ली के पालम में लगी इस भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए राख कर दीं. इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों समेत नौ लोगों की जान चली गई, पीछे रह गए सिर्फ आंसू और टूटे हुए लोग.
किसी ने अपने बच्चों को खो दिया, तो कोई अपने पूरे परिवार से बिछड़ गया. अस्पतालों के बाहर रोते-बिलखते परिजन, जलती इमारत से उठता धुआं और हर तरफ फैला सन्नाटा इस त्रासदी की गवाही दे रहा है. यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि कई जिंदगियों के हमेशा के लिए बुझ जाने की कहानी बन गया.
हादसे में किन लोगों की हुई मौत
आग लगने की जानकारी जैसे ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को मिली तो टीम मौके पर पहुंची और इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालकर पास के अस्पतालों में भर्ती कराया. हादसे के शुरुआत में डॉक्टरों ने छह लोगों के मारे जाने का ऐलान किया था. इनमें प्रवेश (35), कमल (40), आशु (32) और 12, 6 व 5 साल की तीन मासूम बच्चियां शामिल हैं, जिन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था.
आईजीआई अस्पताल में करीब 38 साल की एक महिला को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि लगभग 40 साल का एक व्यक्ति और दो साल की एक बच्ची का इलाज चल रहा है. सफदरजंग अस्पताल में 19 साल का एक युवक भर्ती है, जो करीब 25 प्रतिशत तक झुलस गया है.
हादसे में कितने लोगों को किया गया रेस्क्यू?
इस हादसे में कुल 10 लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही 30 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए. आग बुझाने और लोगों को बचाने का काम तेजी से शुरू किया गया. आग से बचने की कोशिश में दो लोग इमारत से कूद गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुरुआत में आशंका थी कि इमारत के अंदर कई लोग फंसे हो सकते हैं.
दिल्ली की सीएम ने क्या कहा?
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक कई घरों के चिराग बुझ चुके थे. दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और प्रशासन, दमकल विभाग व पुलिस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.
दिल्ली के उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने भी इस घटना पर शोक जताते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह इमारत बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलों की थी, जिसके ऊपर टिन शेड भी बना हुआ था. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़ों और कॉस्मेटिक सामान के भंडारण के लिए किया जाता था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर लोग रहते थे.
फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है. जांच जारी है और लोग इस हादसे के पीछे की वजह जानने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार अपने अपनों को खोने के गम से अभी भी उबर नहीं पा रहे हैं.




