करीब दो दशक बाद ठाकरे परिवार की राजनीति में बड़ा मोड़ देखने को मिला है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे एक बार फिर एक मंच पर नजर आए हैं. 2005 में शिवसेना से अलग हुए राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच लंबे समय तक चली दूरी अब खत्म होती दिख रही है. इस राजनीतिक मिलन की सबसे बड़ी वजह मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी चुनाव को माना जा रहा है, जिसका सालाना बजट करीब 74 हजार करोड़ रुपये है. माना जा रहा है कि ठाकरे ब्रांड की यह एकजुटता महाराष्ट्र की राजनीति और मुंबई की सत्ता की दिशा तय कर सकती है.