साल 2025 में सोने और चांदी की कीमतों ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए और अब जबकि साल 2026 आ चुका है, तो इन दोनों कीमती धातुओं की कीमत में उछाल अब भी जारी है. आज निवेशकों से लेकर आम लोगों तक हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इसकी वजह क्या है. हाल ही में स्टेट मिर हिंदी के साथ पॉडकास्ट में मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली ने ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब दिए. उन्होंने बताया कि इसके पीछे केवल घरेलू मांग नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक हालात भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि भारत के घरों में करीब 20,000 से 25,000 टन सोना जमा है - अलमारियों, लॉकरों, अनाज के डिब्बों और यहां तक कि बिस्तरों के नीचे तक. इसके मुकाबले अमेरिका के आधिकारिक गोल्ड रिज़र्व कहीं कम हैं.